– पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था की प्रहरी ही नही, जरूरतमंदों की सहायक और समाज की संरक्षक भी
सोनभद्र। मंगलवार को थाना अनपरा क्षेत्र अंतर्गत एक मानसिक रूप से अस्थिर (विक्षिप्त) युवती के भटकते हुए मिली जिसकी सूचना पर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। अनपरा पुलिस द्वारा मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए सराहनीय कार्य किया गया। युवती न तो स्पष्ट बोल पा रही थी और न ही अपना नाम-पता बता पा रही थी। दिमागी हालत को देखते हुए एक समाज सेवी महिला आरती के यहां युवती को रखा गया था। महिला मुख्य आरक्षी निधि सिंह व महिला आरक्षी शैलजा सिंह द्वारा सतत मेहनत, संवादात्मक कौशल और तकनीकी साधनों (सोशल मीडिया, इंटरनेट सर्च आदि) के उपयोग से यह पता लगाया गया कि उक्त युवती का नाम साबिया खातून पुत्री मोहम्मद हैदर निवासिनी बाल डिग्री रेल ब्रिज थाना दास नगर जिला हावड़ा पश्चिम बंगाल उम्र लगभग 19 वर्ष है जो कई दिनों से लापता थी। जानकारी की पुष्टि के बाद युवती के परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाना अनपरा आमंत्रित किया गया। जब युवती को उसके माता को सुपुर्द किया गया, तो उस क्षण की भावनात्मक गहराई और परिजनों की आंखों में उतर आए आंसू, अनपरा पुलिस के इस संवेदनशील प्रयास को सार्थक बना गए। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अशोक कुमार मीणा द्वारा इस मानवीय सेवा में लगे महिला पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की गई। इस कार्य ने यह सिद्ध किया है कि पुलिस न केवल सुरक्षा व्यवस्था की प्रहरी है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायक और समाज की संरक्षक भी है। थाना अनपरा पुलिस की यह पहल एक सशक्त संदेश देती है कि जब सेवा में संवेदना जुड़ जाती है, तो पुलिस वर्दी सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि इंसानियत की भी पहचान बन जाती है।

Author: Pramod Gupta
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