– बिजली के निजीकरण का फैसला कर्मचारी,युवा एवं जन विरोधी- ई. रत्नेश सेठ
सोनभद्र/रॉबर्ट्सगंज (विशाल टंडन) बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। रॉबर्ट्सगंज बिजली विभाग के खंड कार्यालय पर कर्मचारियों ने दोपहर दो से पांच बजे तक सांकेतिक रूप से धरना प्रदर्शन कर निजीकरण का विरोध किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में नारे भी लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि निजी लाभ के लिए शीर्ष प्रबंधन झूठे आंकड़े पेश कर रहा है और निगम को घाटे में दिख रहे हैं जो सही नहीं है। इस फैसले से आम जनता को भी काफी परेशानी होगी और सरकार को भी नुकसान होगा। प्रदर्शन के दौरान ई.रत्नेश सेठ ने कहा की ऊर्जा प्रबंधन पूर्वांचल व दक्षिणाचल डिस्काम को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है जो जनविरोधी, कर्मचारी विरोधी व युवा विरोधी फैसला है। हम इसका विरोध करते है इसके लिए यह सांकेतिक प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकारी सेवाएं ज़ब तक सरकारी हाथों में होती है तभी तक आमजन की पहुंच में होती है। इसलिए हम आमजन मानस से भी अपील करते हैं कि वे इस लड़ाई में हमारा सहयोग करें। रत्नेश सेठ ने बताया कि इस प्रदर्शन से विद्युत आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।हमारा कोई भी उद्देश्य आमजन को तकलीफ देने का नहीं है।
विरोध प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है हमें अपने भविष्य की, युवाओं के रोजगार की और किसानों को जो सब्सिडी मिलती है उसकी चिंता है। आगे के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 22 से 28 मई तक दो बजे से पांच बजे तक का सांकेतिक प्रदर्शन का कार्यक्रम चलता रहेगा। प्रदर्शन के दौरान ई.श्रवण सिंह, ई.सतीश यादव, ई.विनोद मौर्य, ई,कमलेश कुमार बिंद, सुमित पाठक, रंजन शर्मा,विनय बाबू,कृष्णा सोनी, सचिन शुक्ला सहित अन्य कर्मचारी का उपस्थित रहे।

Author: Pramod Gupta
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