सोनभद्र/ घोरावल। हनुमान मंदिर परिसर खरुआंव, घोरावल में आयोजित श्री रामचरितमानस नवान्हपारायण महायज्ञ एवं संगीतमय रामकथा के आठवें दिन बुधवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
व्यासपीठ पर विराजित अयोध्या से पधारे कथावाचक मनीष शरण जी महाराज ने राम के वनवास का बड़ा ही मार्मिक व सुंदर विश्लेषण करते हुए कहा कि भगवान राम का अगले दिन प्रातः राज्याभिषेक होने वाला था और रात भर में रानी कैकेयी और मंथरा ने पूरी बाजी ही पलट दी और भगवान अयोध्या छोड़कर वन चले गये। हमारे हृदय रुपी अयोध्या मे श्री राम जी बसते है लेकिन जब हमारे हृदय मे विषयों का मंथन शुरु हो जाता है तब हम भगवान से दूर हो जाते हैं।राम हमारी संस्कृति, धर्म और समाज के मूलाधार हैं।जीवन के प्रत्येक पहलू में राम बसे हुए हैं।सुख,दुःख,अभिवादन, आश्चर्य, हर भाव में राम नाम ही मुख से निकलता है।मृत्यु के समय भी राम का नाम ही लिया जाता है।आचार्य विनय शुक्ल ने बताया कि बृहस्पतिवार को मानस महायज्ञ की हवन पूर्णाहुति और शुक्रवार को भंडारे का कार्यक्रम होगा।राम कथा के पूर्व बड़ी संख्या में भक्तों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की।वहीं बुधवार सुबह मुख्य आचार्य विनय शुक्ला एवं महेश शुक्ला व अन्य आचार्यों द्वारा यज्ञ किया गया। इस अवसर पर धीरेंद्र सिंह, अर्जुन उपाध्याय,लोकनाथ, बलदेव सिंह, संतोष, सुरेश सिंह, माधव, अरुण पांडेय, आशुतोष मिश्र इत्यादि रहे।

Author: Pramod Gupta
Hello