– प्रतिवाद पर सिविल प्रशासन ने जहां अनापत्ति प्रमाणपत्र दिखाने की मांग की वहीं अध्यक्ष पति ने शासनादेश की मांग कर डाली।
ओबरा (सोनभद्र) ताप विद्युत गृह ओबरा के बाउंड्री वॉल से सटाकर नगर पंचायत ओबरा द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे किए जा रहे विकास कार्य को लेकर तापीय परियोजना ओबरा के सिविल प्रशासन और नगर पंचायत ओबरा अध्यक्ष प्रतिनिधि के बीच बुधवार को नोंक झोंक की स्थिति रही। नगर पंचायत ओबरा द्वारा ताप विद्युत गृह ओबरा के बाउंड्री वॉल से सटाकर जगह-जगह टिन शेड का निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी किंतु परियोजना की सुरक्षा दृष्टि को ध्यान में रखते हुए सिविल प्रशासन ने आकर कार्य रुकवा दिया। तनातनी के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने जहां शासनादेश दिखाने की बात कही, वहीं परियोजना अधिकारी ने अनापत्ति दिखाने की बात कही। सिविल प्रशासन ने कहा कि किसी भी दृष्टि से परियोजना की सुरक्षा के लिए ना तो टिन शेड, यात्री शेड या अन्य विकास कार्य बाउंड्री से सटाकर कराया जा सकता है और ना ही बाउंड्री से सटाकर वृक्षारोपण ही किया जा सकता है यह परियोजना की सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य करेगा।
इस पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की ओर से जहां शासनादेश की मांग की गई वहीं परियोजना के सिविल अधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि इसमें शासनादेश की क्या आवश्यकता है कोई अपने ही विभाग और जमीन पर अतिक्रमण, परियोजना की सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए आपत्ति जता सकता है साथी यह अतिक्रमण भी है।
परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि परियोजना क्षेत्र की जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। दोनो विभागों द्वारा बुधवार शाम को काफी बहस हुई । अधिशासी अभियंता सदानन्द यादव व नगर पंचायत द्वारा अपनी बातों को सही साबित करने में जुटी रही। लिहाजा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित वीआईपी रोड पर यात्रियों के लिए सुंदरीकरण का कार्य चल रहा था। परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा की सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित जगह पर कार्य करना उचित नहीं है। फिलहाल बुधवार शाम को कार्य को रोकवा दिया गया वही गुरुवार को पुनः कार्य प्रारंभ कर दिया गया। अधिशासी अभियंता ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यात्री सेड उचित नहीं है। यात्री सेड से सटे हुए परियोजना की बाउंड्री वॉल है। वहां किसी प्रकार का कंस्ट्रक्शन नहीं होना चाहिए। सुरक्षा दृष्टि से कोई समझौता नहीं कर सकते। वही नगर पंचायत ईओ मधुसूदन जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के द्वारा इस कार्य की अनुमति दिया जा चुका है और परियोजना द्वारा सीएसआर फंड का अनुमोदन भी दिया जा चुका है कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं की जा सकती।

Author: Pramod Gupta
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