दुद्धी/ सोनभद्र (राकेश गुप्ता) ब्लॉक संसाधन केंद्र पर शनिवार को भारतीय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों और सहायिकाओं ने मानदेय वृद्धि न होने से परिवार में आ रही दयनीय स्थिति पर नाराजगी जताते
हुए जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम द्वारा सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि पियूष कसेरा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि रसोइयां कई वर्षों से निष्ठापूर्वक काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र 2 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। यह राशि उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय का आदेश तुरंत लागू किया जाए।रसोइयों को स्थाई करते हुए उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाए, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर रसोइयों की नियुक्ति की जाए, रसोइयों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए और सेवा समाप्ति पर 10 हजार रुपये पेंशन और 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी दी जाए, रसोइयों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा, 14 आकस्मिक अवकाश और 90 दिन का मातृत्व अवकाश मिले, न्याय पंचायत स्तर पर रसोइयों का स्थानांतरण किया जाए, पिछले 4 महीने से रुका हुआ मानदेय जल्द से जल्द दिया जाए, आंगनबाड़ी केंद्रों की रसोइयों का भी बकाया भुगतान किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दशहरा तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 24 अक्तूबर को रैली और 25 अक्तूबर को विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। एसोसिएशन ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि इन रसोइयों के हितों की रक्षा करना जरूरी है इस दौरान संरक्षक तैयब अंसारी, प्रदेश उपाध्यक्ष उषा साहू, गायत्री देवी, कबूतरी देवी, चिंता देवी, फूलमती देवी, के साथ काफी लोग मौजूद थे।

Author: Pramod Gupta
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