बीजपुर(विनोद गुप्त)बिजली बितरण निगम पिपरी के अधिकारी बेलगाम हो गए हैं।मुख्यमंत्री शिकायती पोर्टल के आईजीआरयस पर ग्रामीणों द्वारा की गयी शिकायतों को गम्भीरता से न लेकर फर्जी रिपोर्ट लगाई जा रही है।पूर्वांचल बिजली बितरण निगम का टोल फ्री नम्बर बकवास एंव महज दिखावा बना हुआ है।नधिरा उपकेंद्र से दो महीने में बिजली सप्लाई कुछ चुंनिन्दा गाँवों को छोड़ ग्रामीण अंचल के दुरूह बस्ती में महज सफेद हाथी बना हुआ है।सड़ियल और जर्जर उपकरण के सहारे निगम के अधिकारी और कर्मी बिजली सप्लाई देने में रात दिन हांफ रहे हैं।गाँवों में बगैर कनेक्शन लिए लोग लाइनमैनों से साठ गांठ कर अबैध कनेक्शन के जरिये ओवरलोड़ का बोझ बन गए हैं।फाल्ट दुरुस्त करने के नाम पर तथाकथित कुछ लाइनमैन धन उगाही में ब्यस्त है।नेमना गांव से विनोद गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरयस पर जुलाई माह में की गयी शिकायत पर एक्सईएन पिपरी द्वारा शिकायत करता से बगैर सम्पर्क किये फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत कर मामले की इतिश्री कर दिया गया।वहीं जरहा के चेतवा से शिवशंकर द्वारा भी बिजली सप्लाई को लेकर 1912 पर कई बार शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन कुछ नही हुआ।लीलाडेवा ग्राम प्रधान द्वारा पिछले छः महीने से जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने की शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन आज तक जेई और उनके कर्मी टाल मटोल करते रहे और आज तक ट्रांसफार्मर नही बदला गया।बरसात में गिरे तार पोल जमीन पर धूल फांक रहे हैं।बताया जाता है कि जरहा न्याय पंचायत के तेरह गाँवो के 36 टोले में तार पोल तो है लेकिन बिजली के दर्शन कई महीने से नही हुए।मजेदार बात तो यह है कि विभागीय कर्मी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों में कही 45 हजार तो कहीं 29 हजार से अधिक के बिजली बिल भेज लोगों का पारा चढ़ा दिया है विजली बिल देख लोग भौचक हैं।लीलाडेवा गाँव में ऐसे ही लगभग 70 लोगों को फर्जी बिल भेज कर वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।गांव में अधिकांश मीटर खराब पड़े हैं एक ट्रांसफार्मर भी खराब पड़ा हैं बावजूद बिजली बिल आना बन्द नही हुआ है ग्रामीण कन्हैया दयाशंकर सत्यनारायण कंचन देवी गौरीदेवी हीरालाल मालिक चंद रामसुधार मुन्नलाल बिकास सहित अनेक ने कहा कि हम लोगों के पास खाने को दो जून की रोटी नही हैं इतना बड़ा बिल कहा दे पाएंगे सरकार चाहे जेल में डाल दें लेकिन यहां कुछ नही है।जानकारी के लिए एक्सईएन पिपरी दिलीप कुमार को फोन किया गया लेकिन उन्हों ने फोन नही उठाया जिससे विभागीय पक्ष नही मिल पाया।









