सोनभद्र। विकास खंड कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत बरवाडीह में पंचायती राज अधिनियम की गंभीर अवहेलना का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर नियमों के विरुद्ध भुगतान कराकर पंचायत धन का निजी हित में उपयोग किया गया। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के उपरांत सहायक विकास अधिकारी (कोन) सुनील पाल द्वारा पोर्टल पर दर्ज रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, नोटिस जारी होने के बावजूद निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की ठोस विभागीय या विधिक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासनिक उदासीनता एवं कथित संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। मामला न केवल पंचायती राज अधिनियम बल्कि शासनादेशों और वित्तीय अनुशासन के स्पष्ट उल्लंघन की ओर इशारा करता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि शीघ्र ही दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई, तो वह न्यायालय की शरण लेने को विवश होगा। इस प्रकरण ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता, जवाबदेही तथा शासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: Pramod Gupta
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