सोनभद्र। स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल और जानलेवा स्थिति में महिला का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली। महिला को रप्चर्ड एडनेक्सल एक्टोपिक विद इंटेस्टाइनल लेसरेशन (अस्थानिक गर्भावस्था फटने से आंत में चोट और चिपकन) की गंभीर समस्या थी। सीएमएस डॉ. तपन मंडल ने बताया कि अस्थानिक गर्भावस्था फटने के कारण महिला की हालत अत्यंत नाजुक हो गई थी। यदि उसे बीएचयू वाराणसी रेफर किया जाता, तो रास्ते में उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी। ऐसे में परिजनों की सहमति लेकर मेडिकल कॉलेज में ही तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार चोपन थाना क्षेत्र की रहने वाली 26 वर्षीय नजरुन की दो दिन पूर्व अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। पति द्वारा उसे चोपन अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में उसे स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज सोनभद्र लाया गया। जांच में पाया गया कि महिला का गर्भाशय फट चुका था, आंत चिपक गई थी और आंत का कुछ हिस्सा भी फट गया था। महिला के शरीर में मात्र करीब छह यूनिट रक्त शेष था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। इसके बाद डॉ. दीप्ति सिंह (सर्जन), डॉ. दीपिका तथा डॉ. राजेश (एनेस्थीसिया) की टीम ने सफल ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति सिंह ने बताया कि इस स्थिति में मरीज को अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द और बेहोशी होने लगती है। सर्जरी के दौरान अंदर हुए रक्तस्राव को भी पूरी तरह साफ किया गया। यह ऑपरेशन प्रिंसिपल डॉ. सुरेश कुमार सिंह एवं सीएमएस डॉ. तपन मंडल के मार्गदर्शन में किया गया। वर्तमान में महिला की हालत स्थिर है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। सीएमएस डॉ. तपन मंडल एवं डॉ. अंकिता सिंह ने भी मरीज से मुलाकात कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं महिला के पति सहित परिजनों ने समय पर इलाज और सफल ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
Author: Pramod Gupta
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