December 14, 2025 12:10 pm

थाइलैंड फरार होने की तैयारी में पकड़ा गया ड्रग माफिया, कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया

सोनभद्र। पुलिस की एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्यवाही में कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर कफ सीरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार कर सोनभद्र लाया गया है। आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ थाइलैंड भागने की फिराक में था। ड्रग माफियाओं एवं कफ सीरप तस्करी पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के विशेष अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित पुलिस, एसआईटी व एसओजी टीम को यह सफलता मिली। टीम ने आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल पुत्र रामदयाल निवासी ए-924/जे, कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, आदमपुर, वाराणसी को कोलकाता में उस समय दबोच लिया जब वह विदेश भागने की तैयारी में था। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया। कफ सीरप बरामदगी की प्रमुख कार्यवाहियां 18.10.2025 सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 शीशियाँ (लगभग ₹3.50 करोड़) प्रतिबंधित कफ सीरप बरामद। 01.11.2025 रांची (झारखंड) से 134 पेटियों में कुल 13,400 शीशियाँ अवैध कफ सीरप बरामद। 03/04.11.2025 की रात सोनभद्र व गाज़ियाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने चार ट्रकों से ₹3.40 करोड़ मूल्य की कफ सीरप तथा ₹20 लाख फंडिंग की नकदी बरामद की। जांच में सामने आया कि भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची के माध्यम से बड़े पैमाने पर नकली बिलिंग कर कफ सीरप की अवैध सप्लाई विभिन्न जनपदों में कराई जा रही थी। एसआईटी की जांच में भदोही, चंदौली, वाराणसी व सोनभद्र में लगभग ₹25 करोड़ के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ। अधिकांश फर्में कागजों पर ही मौजूद पाई गईं और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। 29.11.2025 को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य की तहरीर पर थाना रॉबर्ट्सगंज में मु.अ.सं. 1191/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)(A) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 27(A), 29 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोग में ग्राम बरकरा स्थित फर्जी फर्म ‘माँ कृपा मेडिकल’ व ‘मेसर्स शिवक्षा प्रा. लिमिटेड’ द्वारा 01.04.2024 से 23.08.2025 तक 7,53,000 शीशियाँ Phensedyl Syrup अवैध रूप से काले बाजार में खपाने का उल्लेख है। भोला प्रसाद जायसवाल ने बताया कि फर्में भले ही उनके नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन पूरा संचालन उनका पुत्र शुभम जायसवाल करता था। नकली बिलिंग, फर्जी लेन-देन और सप्लाई चेन का संचालन भी शुभम जायसवाल द्वारा किया जाता था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि व्यापार का संचालन झारखंड स्थित गोदाम से होता था तथा वित्तीय लेन-देन सीए विष्णु अग्रवाल द्वारा संभाला जाता था। इस संबंध में एसआईटी द्वारा विष्णु अग्रवाल से अलग से पूछताछ की जाएगी। अभियुक्त से मिले इन तथ्यों की पुष्टि हेतु SIT कस्टडी रिमांड की कार्यवाही कर रही है। अन्य जनपदों की पुलिस भी पूछताछ कर रही है। जहाँ अभियुक्त वांछित था चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी गिरफ्तारी करने वाली पुलिस उ0नि0 राजेश चौबे, प्रभारी एसओजी, नि0 सदानंद राय एसआईटी टीम, नि0 प्रणय प्रसून श्रीवास्तव एसआईटी टीम, हे0का0 प्रकाश सिंह सर्विलांस सेल, का0 सत्यम पाण्डेय एसओजी टीम

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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