सोनभद्र/बीजपुर(विनोद गुप्त)जलजीवन मिशन खम्हरिया झीलों बीजपुर परियोजना में कार्यरत सौकड़ो श्रमिकों के साथ कार्यदायी संस्था द्वारा मजदूरी के शोषण को लेकर दर्जनों कामगारों ने सोमवार को उप श्रमायुक्त पिपरी कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौप कर न्याय की गुहार लगाई है।सुरक्षा गार्ड और आपरेटर के पद पर कार्यरत श्रमिक रामजी,आनन्द कुमार,जवाहिर लाल,राजेश कुमार,शिवपूजन,रुद्रप्रसाद,लल्लन सिंह,रामनाथ,रामकेश,इंद्रेश सहित दर्जनों लोगों ने ज्ञापन में कहा है कि कार्यदायी संस्था मेसर्स जीपीबीआर इंजीनियरिग और हरियाणा मैनेजमेंट एंड सैलूशन एजेंसी द्वारा विभिन्न साइड पर कार्यरत कामगारों से 12 घण्टा डियूटी कराया जाता हैं और मासिक वेतन के रूप में किसी को 75 सौ तो किसी को 10 हजार का भुगतान किया जाता है।इतना ही नही सरकार के श्रम नियमों को दरकिनार कर पीएफ और अन्य फ़ंड डकार लिया जा रहा है।आरोप है कि जलजीवन मिशन के विभिन्न साइट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से 8 घण्टा की जगह 12 घण्टा तो पम्प आपरेटर से सप्ताह में 48 घण्टा की बजाय 84 घण्टा डियूटी के साथ महीने में 30 दिन तक काम कराया जाता है। इतना ही नही ओवरटाइम तक के पैसे नही दिए जाते और कामगारों के विरोध करने पर डियूटी से भगा दिया जाता है तथा अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है।इस बाबत श्रमिकों ने सरकार के विभागीय पोर्टल पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन बड़ी संख्या में श्रमिकों की शिकायत पर जाँच करा कर न्याय देने की बजाय शिकायत को ही रद्दी में फेंक दिया गया।इस बाबत लेबर इंस्पेक्टर पिपरी मनोज शर्मा से जब जानकारी ली गयी तो उन्हों कहा शिकायत मिली है एक दो दिन में मौके की जाँच कर सम्बन्धितों पर कार्रवाई कर शिकायत का निस्तारण किया जाएगा।








