सफेद हाथी बना जलजीवन मिशन झीलों खम्हरिया प्रोजेक्ट
सोनभद्र/बीजपुर(विनोद गुप्त)भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नमामि गंगे जलजीवन मिशन झीलों खम्हरिया की परियोजना सफेद हाथी बना हुआ है।लगभग आठ सौ करोड़ की लागत से बन रही इस परियोजना से 2024 तक म्योरपुर बभनी और दुद्धि ब्लाक के कुल 171 गाँवों में हर घर जल नल से सुद्ध पानी ग्रामीणों को मुहैया कराना था लेकिन वर्ष 2025 के अंत तक भी सम्पूर्ण कार्य धीमी गति से चलने के कारण 2027 तक भी पूरा होने की संभावना नही है।कार्यदायी संस्था मेसर्स जीपीबीआर प्राइवेट लिमिटेड के पीएम प्रह्लाद ने बताया कि 104 गाँवों को अब तक फाइनल कर लिया गया है बाकी 67 गाँवों में कार्य कराया जा रहा।उन्हों बताया कि जरहा न्याय पंचायत में केवल जरहा और नेमना गाँव मे पानी नही पहुँचा है दोनों गाँव को जलापूर्ति कराने में अभी 25 दिन और इंतजार करना पड़ेगा।ग्रामीण जनता की बातों पर गौरकरें तो केवल सड़क किनारे की बस्ती आबादी तक पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन अधिकांश गाँवों के सैकड़ों टोला बस्ती के घरों तक अभी तक पाइप लाइन का अतापता भी नही है।बताया जाता है कि कार्यदायी संस्था के अधिकारी अपनी पीठ थपथपवाने के लिए अधिकांश ग्राम प्रधानों तथा गाँव की जल समितियों से सम्पूर्ण गाँव मे जलापूर्ति होने का प्रमाण पत्र बनवा कर शासन स्तर पर भेज सरकारी फ़ंड डकार गए हैं।सूत्रों पर भरोसा करें तो प्रोजेक्ट मैनेजर अपने चहेतों को पेटी कांटेक्ट पर काम देकर और उन्हीं के निजी जेसीबी मशीन और वाहनों को किराए पर कम्पनी में लगा कर महत्वाकाक्षी परियोजना को लूट खसोट का जरिया बना लिए हैं।यही कारण है कि इस जलजीवन मिशन परियोजना के सफल होने पर अधिकांश बुद्धिजीवी वर्ग संदेह ब्यक्त कर रहा है।बल्कि जनचर्चा पर गौरकरें तो सरकार की यह योजना आगामी वर्षों में फेल साबित होगी।









