December 12, 2025 6:58 am

भाकपा की मांग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अवधि एक वर्ष तक बढ़ाई जाए

सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (उ.प्र.) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए इसकी अवधि एक वर्ष तक बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों पर अनावश्यक दबाव बन रहा है और भय का माहौल उत्पन्न हो गया है, जिसे दूर किया जाना आवश्यक है। कामरेड शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि चुनाव आयोग ने 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक SIR अभियान चलाया है, लेकिन इतनी कम अवधि में ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी मजदूरों और आम जनता के लिए फॉर्म प्राप्त करना, भरना और बीएलओ से संपर्क करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान ऐसे समय चलाया जा रहा है जब राज्य में शादी-विवाह का सीजन, किसानों के लिए धान कटाई का समय और मजदूरों के लिए रोजगार हेतु पलायन का दौर है। खासकर सोनभद्र जनपद में अधिकांश ग्रामीण व आदिवासी मजदूर रोज़गार की तलाश में दूसरे जिलों में हैं। ऐसे में 4 दिसंबर की निर्धारित अंतिम तिथि तक सभी का सत्यापन असंभव प्रतीत होता है। कामरेड शर्मा ने बताया कि सोनभद्र के भौगोलिक विस्तार, नेटवर्क समस्याओं और बड़ी संख्या में अशिक्षित मतदाताओं को देखते हुए केवल एक माह का समय बिल्कुल अपर्याप्त है। जनपद में कुल 1079 बूथ और 13 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनका सत्यापन इतनी कम अवधि में होना संभव नहीं।उन्होंने चिंता व्यक्त की कि SIR के दबाव में बीएलओ और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है कि जौनपुर के एक शिक्षक और फतेहपुर के एक लेखपाल ने दबाव के चलते आत्महत्या कर ली, जबकि अन्य जिलों से भी ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं। कामरेड शर्मा ने कहा कि समाज में यह डर फैल रहा है कि यदि फॉर्म नहीं भरा गया तो कहीं उनका नाम मतदाता सूची से बाहर न कर दिया जाए, जैसा कि बिहार में 70 लाख मतदाताओं के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह नहीं सोचा कि आम मतदाता स्वयं फॉर्म नहीं भर सकता, न ही उसके पास तत्काल उपलब्ध फोटो होती है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पक्षपातपूर्ण निर्णय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि SIR को लेकर कई याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जारी आंकड़ों पर भी सवाल उठाया, जिसमें 24 नवंबर तक 4.29 करोड़ फॉर्म जमा होने और 4 दिसंबर तक 11 करोड़ फॉर्म जमा करने का लक्ष्य बताया गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य व्यवहारिक नहीं लगता। कामरेड आर.के. शर्मा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मौजूदा SIR प्रक्रिया तुरंत रोक दी जाए, लोगों पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए, वर्ष 2026 के पंचायती चुनाव 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएँ, और SIR के लिए कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए ताकि कोई मतदाता छूटने न पाए और नागरिकता खोने का भय भी समाप्त हो।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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