सोनभद्र। जन अधिकार पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ओबरा तहसील के बिल्ली–मारकुंडी क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स में 15 नवंबर 2025 को हुए भीषण खनन हादसे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हादसे में मारे गए मजदूरों के आश्रितों को एक–एक करोड़ रुपये राहत राशि दी जाए तथा सभी मुख्य अभियुक्तों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए। भागीरथी सिंह मौर्य ने बताया कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर चोपन में आयोजित विश्व आदिवासी गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन के कारण जनपद में खनन कार्य बंद रखने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद बिल्ली–मारकुंडी क्षेत्र में कृष्णा माइनिंग वर्क्स पर खनन जारी था। इसी दौरान लगभग 2:30 बजे खदान में भारी चट्टानें अचानक धंस गईं। उस समय वहां कुल 18 मजदूर कार्य कर रहे थे। कुछ मजदूर किसी तरह बच निकले, लेकिन बाकी मजदूर मलवे में दब गए। राहत एवं बचाव कार्य लगभग तीन दिन चला, जिसके बाद सात मजदूरों के शव बरामद हुए। इसके पश्चात प्रशासन ने बचाव कार्य बंद करने की घोषणा की।
DGMS आदेश की अवहेलना और अवैध खनन का आरोप
मौर्य ने अपने पत्र में कहा कि DGMS वाराणसी ने पहले ही उक्त खदान को खनन योग्य न होने के कारण बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन जिला प्रशासन और खनन विभाग ने इस आदेश का पालन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान के रसूखदार मालिकों की मिलीभगत से लगभग 300 फीट गहरी खदान में बिना हाइट–बेंच सुरक्षा मानक के अवैध खनन कराया जा रहा था, जो इस हादसे की मुख्य वजह बनी। घटना के बाद खदान के अज्ञात मालिक व दो नामजद भागीदारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी गठित टीम मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
जन अधिकार पार्टी की प्रमुख मांगें
भागीरथी सिंह मौर्य ने सरकार से निम्न मांगें की हैं- हादसे में मारे गए मजदूरों के आश्रितों को एक–एक करोड़ रुपये राहत राशि दी जाए। दो नामजद व अज्ञात मालिकों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई की जाए। हादसे की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग से कराई जाए। दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। बिल्ली–मारकुंडी सहित पूरे जिले में संचालित सभी खदानों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जिन खदानों को खनन योग्य नहीं पाया जाए, उनमें तुरंत खनन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
Author: Pramod Gupta
Hello









