December 12, 2025 6:33 am

बड़ा हादसा: बिल्ली मारकुंडी खदान धंसी, कई मजदूरों के दबने की आशंका

सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार दोपहर हुए भीषण हादसे ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया। ड्रिलिंग के दौरान अचानक पत्थर की खदान धंस गई, जिससे खदान में काम कर रहे कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर उस समय 18 से अधिक मजदूर कार्यरत थे। खदान की गहराई करीब 150 फीट से अधिक होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। प्रशासन की टीमों के साथ अल्ट्राटेक ओबरा एवं अन्य परियोजनाओं के राहत दल भी सक्रिय किए गए।

सीएम कार्यक्रम के बीच बंदी के बावजूद चल रहा था कार्य

चंद किलोमीटर दूर चोपन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम एवं जनजातीय गौरव दिवस समारोह के मद्देनज़र जिलाधिकारी और क्रशर एसोसिएशन द्वारा सभी खदान संचालकों को 15 नवंबर को खनन कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद मेसर्स कृष्णा माइनिंग की इस खदान में ब्लास्टिंग के लिए होल बनाने का काम जारी था, जिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

राज्य के समाज कल्याण मंत्री संजय सिंह गोंड ने भी घटनास्थल का दौरा कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है। कार्य बंद करने के निर्देश के बावजूद यह काम कैसे और किसकी शह पर चल रहा था इसकी जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

राहत-बचाव कार्य: एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें तैनात

दुर्घटना की सूचना मिलते ही डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शाम होते-होते वाराणसी से एनडीआरएफ तथा मिर्जापुर से एसडीआरएफ की टीमें भी बुला ली गईं। सर्च लाइट लगाकर देर रात तक बचाव कार्य जारी रहा। डीएम ने बताया कि मलबा हटने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीएम वित्त कमलेश शुक्ला को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

मृतकों की चर्चा पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

स्थानीय ग्रामीणों और परिजन के अनुसार कई मजदूरों के लापता होने की बात सामने आई है। पनारी, करमसार टोला, पहरी सहित आसपास के गांवों के मजदूर इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। एक शव दिखाई देने की सूचना है, पर उसकी पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि प्रशासन ने अब तक किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

2012 और 2015 जैसे हादसों की याद ताजा

बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र पहले भी हादसों का केन्द्र रहा है।2012: गहरी खदान दरकने से 12 मजदूरों की मौत, 2015: असुरक्षित विस्फोटक के कारण 8 मजदूरों की मौत नियमों के अनुसार खनन में सुरक्षा उपकरण, निर्धारित दूरी, बेंचिंग सिस्टम, पारेषण लाइन से दूरी आदि अनिवार्य हैं, परंतु इस खदान में मानकों का पालन नहीं किया गया, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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