– सोनभद्र में बड़ा खनन हादसा : सीएम के कार्यक्रम स्थल से 6 किमी दूर खदान में विस्फोट, एक मजदूर का शव बरामद
– कई के दबे होने की आशंका, आदेश के बावजूद खनन जारी
सोनभद्र। जनपद के बिल्ली क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से केवल 6 किलोमीटर दूर स्थित रास पहाड़ी कृष्णा माइनिंग की खदान में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। यह खदान कृष्णा माइनिंग के प्रोप्राइटर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के संयुक्त स्वामित्व में संचालित होती है। हादसा उस समय हुआ जब खदान में ब्लास्टिंग से पहले ड्रिलिंग का कार्य चल रहा था। धमाका इतना तेज़ था कि उसकी आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई दी और अचानक भारी धूल का गुबार आसमान में उठ गया। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कई लोग विस्फोट के बेहद करीब होने के कारण चट्टानों और मलबे के नीचे दब गए। राहत- बचाव दल द्वारा की गई शुरुआती खोज में एक मजदूर का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि कई अन्य मजदूरों के अभी भी पत्थरों के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए खनन कार्य बंद रखने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद खदान में ड्रिलिंग जारी थी। इस लापरवाही ने खनन कंपनी और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, खनन विभाग, दमकल और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, हालांकि दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए दबे मजदूरों की सही संख्या बताना मुश्किल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा मानकों की हमेशा अनदेखी की जाती रही है। भारी मशीनरी और विस्फोटक सामग्री के उपयोग के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिसके चलते इस तरह की घटनाएँ बार-बार होती हैं। प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और खदान को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। मृतक मजदूर के परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह हादसा न सिर्फ खनन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आदेशों और नियमों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।
Author: Pramod Gupta
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