– एक लाख रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
– जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी
सोनभद्र। लगभग साढ़े 15 वर्ष पूर्व पिपरी पुलिस द्वारा 300 ग्राम नाजायज हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए विश्वामित्र राय को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने मंगलवार को 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 मार्च 2010 को तत्कालीन सीओ पिपरी संजय चौधरी पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त व वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ हेरोइन तस्कर वाहन की तलाश में हैं और रॉबर्ट्सगंज होते हुए बाहर जाने वाले हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पिपरी एवं कोन पुलिस वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग स्थित क्रिया कुटी तिराहे पर पहुंची, जहां से पुलिस ने अभियुक्त विश्वामित्र राय पुत्र शिवनाथ राय, निवासी मांचा, थाना भांवरकोल, जिला गाजीपुर (हाल पता-आश्रम मोड़, थाना दुद्धी) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 300 ग्राम नाजायज हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने इस संबंध में धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त का चालान न्यायालय में प्रेषित किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने आरोपपत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों तथा गवाहों के बयानों का अवलोकन करते हुए अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील शशांक शेखर मिश्र ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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