– 20 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद
– अर्थदंड में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे
सोनभद्र। करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व सात वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने आरोपी छोटे पुत्र जंगाली, निवासी दरमा, थाना रामपुर बरकोनिया, को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने निर्देश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाएं।अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिनांक 21 मई 2021 की शाम लगभग 7 बजे आरोपी छोटे ने पीड़िता को घर के समीप नाले के पास अकेला पाकर दुष्कर्म किया था। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां व भाई मौके पर पहुंचे, तो आरोपी ने धमकी दी और मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां द्वारा दी गई तहरीर पर प्रारंभ में पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर 7 जुलाई 2021 को थाना रामपुर बरकोनिया में एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। मेडिकल जांच में पीड़िता की उम्र लगभग 7 वर्ष पाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 7 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने आरोपी छोटे (आयु 25 वर्ष) को दोषसिद्ध पाया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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