सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) बकरिहवा से बीजपुर तक 25 किलोमीटर सड़क का कचूमर निकल जाने के कारण बारिश के समय से ही गढ्ढो में भरी राख और धूल अब वाहनों के पहिये से उड़ कर इशानी जिंदगी पर भारी पड़ रही है।चौबीस घण्टा उड़ रही राख और धूल के कारण 25 किलोमीटर में सड़क किनारे आबाद 50 हजार की आवादी के लोगों की जिंदगी गर्दखोर बन गयी है। वायु प्रदूषण के कारण बच्चों बुजुर्गों और युवाओं में तरह तरह की बीमारी पाँव पसार रही है तो घर मकान फसल पेड़ पौधे बाग बगीचा कपड़ा बर्तन राशन पानी सब कुछ बर्वाद हो गया है। धूल के गुबार में सड़क पर पैदल और बाइक से सफर मौत के मुँह में जाने के समान हो गया है। वातानुकूलित कमरे में बैठ कर प्रदूषण नियंत्रण की रूप रेखा तैयार करने वाला पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण महकमा चुप्पी साधे पड़ा है। बकरिहवा बीजपुर सड़क की हालत ऐसी हो गयी है कि आयेदिन सड़क दुर्घटना के कारण प्रत्येक महीने दर्जनों लोगों की मौत हो रही है तो दो दर्जन से अधिक लोग घायल होकर अपंग हो रहे हैं।सड़क मरम्मत के नाम पर पीडब्लूडी विभाग सोनभद्र आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुका है बकरिहवा से बीजपुर तक सड़क रिपेयरिंग के लिए एनटीपीसी रिहंद परियोजना प्रबन्धन से फ़ंड की याचना कर रहा है। अगर एनटीपीसी प्रबन्धन ने सीएसआर से फ़ंड नही दिया तो पिछले 6 साल से गढ्ढे में तब्दील इस सड़क पर 2027 तक लोगों को अभी ऐसे ही जलालत झेल कर सफर करना पड़ेगा। जानकारी के लिए सोनभद्र प्रदूषण अधिकारी आर के सिंह को फोन किया गया लेकिन उन्हों ने फोन नही उठाया जिसके कारण विभागीय पक्ष नही मिल पाया।
Author: Pramod Gupta
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