सोनभद्र (लखनऊ) जिले की खदानों में सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी और अवैध खनन की घटनाओं ने प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़ा कर दिया है। खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), वाराणसी की रिपोर्ट में खदान संख्या 5006 एवं 3400 में कई गंभीर उल्लंघन पाए गए हैं। बेंच की ऊँचाई असुरक्षित पाई गई, बिना अनुमति HEMM मशीनरी का उपयोग हो रहा था और खदान के ऊपरी किनारों पर सुरक्षा फेंसिंग नहीं थी। DGMS ने खदान संचालकों को Mines Act, 1952 की धारा 22A(1) के तहत तीन माह में सुधार करने का नोटिस जारी किया था। इस मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी, सोनभद्र के जिला सचिव की अगुवाई में नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम ने खनन निदेशक माला श्रीवास्तव को लखनऊ कार्यालय 7/23, टिलक मार्ग में जाकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खदानों में सुरक्षा उल्लंघनों की जांच, DGMS निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट और खदान पट्टों के निलंबन/निरस्तीकरण की मांग की गई। ज्ञापन मिलने के बाद विभागीय सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खदान में किसी भी प्रकार की अनियमितता को तत्काल रोका जाए। उन्होंने कहा कि जांच टीम भेजी जाएगी, अवैध खनन और परिवहन पर रोक सुनिश्चित की जाएगी, और लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि सोनभद्र की खदानों में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब अत्यंत जरूरी है। प्रशासन द्वारा तत्काल जांच टीम भेजना और कार्रवाई करना इस दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाया गया यह कदम यह संदेश देता है कि खदानों में नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कराना अब किसी भी तरह की ढिलाई सहन नहीं करेगा।
Author: Pramod Gupta
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