प्रयागराज (समर सैम) 14 सितम्बर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा जगत के प्रख्यात शिक्षाविद् तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) प्रयागराज के पूर्व निदेशक डॉ. एम.डी. तिवारी की स्मृति में “दानदाता स्वर्ण पदक” प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने यह निर्णय डॉ. तिवारी की धर्मपत्नी एवं मुक्त विश्वविद्यालय की पूर्व उपाचार्य डॉ. इति तिवारी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए लिया। डॉ. मुरलीधर तिवारी ने सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने ट्रिपल आईटी प्रयागराज की अवधारणात्मक संरचना, योजनाबद्ध विकास और संस्थागत ढाँचा तैयार किया। स्थापना काल से लेकर पंद्रह वर्षों तक निदेशक रहते हुए उन्होंने इस संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। वे भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा, रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति रहते हुए उन्होंने अनेक शैक्षणिक सुधार और नए मानक स्थापित किए। मुक्त विश्वविद्यालय की प्रगति में भी समय-समय पर उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।
डॉ. एम.डी. तिवारी
ट्रिपल आईटी प्रयागराज के संस्थापक निदेशक (15 वर्ष)
भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली के अध्यक्ष
रोहिलखंड व बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति
उच्च शिक्षा सुधारों में अग्रणी भूमिका
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि पहली बार प्रारंभ होने वाला “डॉ. मुरलीधर तिवारी स्मृति स्वर्ण पदक” आगामी 20वें दीक्षांत समारोह में विज्ञान विद्या शाखा की सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्रा उमा यादव को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और उच्च शिक्षा के मूल्यों की ओर प्रेरित करेगा। इसी क्रम में एक अन्य दानदाता स्वर्ण पदक भी इस वर्ष से प्रारंभ किया गया है। यह “स्वर्गीय चारुल पांडेय स्मृति स्वर्ण पदक” है, जिसकी स्थापना मुक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी श्री इंदू भूषण पांडेय ने अपनी धर्मपत्नी की स्मृति में की है। यह पदक स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा की सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्रा नेहा कनौजिया को प्रदान किया जाएगा।
दानदाता स्वर्ण पदक 2025
डॉ. मुरलीधर तिवारी स्मृति स्वर्ण पदक
विज्ञान विद्या शाखा
प्रथम प्राप्तकर्ता: उमा यादव (सर्वश्रेष्ठ स्नातक) स्व. चारुल पांडेय स्मृति स्वर्ण पदक
स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा
प्रथम प्राप्तकर्ता: नेहा कनौजिया (सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर)
स्वर्गीय चारुल पांडेय सरकारी सेवा में रहते हुए भी सामाजिक कार्यों और मानवीय सरोकारों से गहराई से जुड़ी रहीं। उनकी स्मृति में स्थापित यह पदक न केवल उनके योगदान को चिरस्थायी बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों की दिशा में प्रेरणा भी देगा। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि “स्मृति स्वर्ण पदक विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। यह पहल न केवल दिवंगत विभूतियों की स्मृति को स्थायी बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को परिश्रम, उत्कृष्टता और सामाजिक प्रतिबद्धता की ओर भी प्रेरित करेगी।”
जनसंपर्क अधिकारी बोले
“दोनों स्मृति स्वर्ण पदक विश्वविद्यालय की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को शैक्षणिक श्रेष्ठता और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रेरणा देंगे।”
— डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र
Author: Pramod Gupta
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